माँ की रसोई
माँ की रसोई को देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा सम्मानित किया गया है:
महिलाओं के लिए रोजगार & हर किसी के लिए स्वादिष्ट भोजन
“माँ की रसोई” का उद्देश्य सिर्फ स्वादिष्ट भोजन देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना भी है।
हम गरीब, विधवा और बुजुर्ग महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं।
हमारा मिशन है कि हर व्यक्ति को स्वादिष्ट, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन मिले।
हर थाली में माँ के हाथ का प्यार और देखभाल हो, जिससे भोजन केवल पेट भरने का साधन न रहे, बल्कि मन और आत्मा को संतुष्टि भी दे।
किचन में व्यावसायिक प्रशिक्षण
ग्राहक सेवा और होस्टिंग में अवसर
आत्मनिर्भर और सम्मानजनक रोजगार
"माँ की रसोई " हमारे स्वादिष्ट व्यंजन
दाल मखनी
मखनी दाल मक्खन और मसालों के साथ।
राजमा चावल
राजमा मसालेदार ग्रेवी में चावल के साथ।
छोले भटूरे
मसालेदार छोले के साथ भटूरे।
पनीर बटर मसाला
नरम पनीर मसालेदार ग्रेवी में।
आलू गोभी
क्लासिक आलू और गोभी की सब्ज़ी।
बिरयानी
मसालेदार चावल।
मसाला डोसा
आलू मसाला से भरी क्रिस्पी डोसा।
पानी पुरी
मसालेदार पानी में भरी कुरकुरी पुरी।
पाव भाजी
मसालेदार भाजी के साथ बटर पाव।
गुलाब जामुन
मीठे शुगर सिरप में नरम जामुन।
माँ की रसोई – परिचय
कोरोना महामारी में धारावी से शुरू हुई पहल।
त्रिची, कोलकाता और उत्तराखंड तक विस्तार।
अपनापन, भरोसा और मानवीय मूल्यों का संदेश।
व्यवहार से व्यापार तक
ग्राहक के साथ स्नेह और ईमानदारी।
व्यापार सिर्फ़ लाभ नहीं, बल्कि रिश्तों और सम्मान पर आधारित है।
संस्थापक के बारे में
डॉ. अमित डी. ओझा की कहानी।
घर जैसा सादा, शुद्ध, पौष्टिक और स्नेहपूर्ण भोजन।
"हमारा उद्देश्य है हर घर में माँ का प्यार पहुँचना।"
सम्मान और उपलब्धियाँ



हमारी सोच / मिशन
यात्रियों और घर से दूर रहने वालों को माँ के हाथ का स्वाद प्रदान करना।
स्वच्छ, सुरक्षित और साफ‑सुथरे वातावरण।
Growth Journey / Expansion
धारावी → त्रिची → कोलकाता → उत्तराखंड
सामाजिक प्रभाव और भावनात्मक जुड़ाव दर्शाना।
Indian Menu Preview
घरेलू शाकाहारी भोजन, दाल‑सब्ज़ी, रोटी, चावल, थाली।



ग्राहक अनुभव
"माँ की रसोई का खाना घर जैसा है!"
‑– राम शर्मा"स्वाद और अपनापन दोनों मिलता है।"
‑– सीमा वर्मा"लगता है घर पर खाना खा रहा हूँ।"
‑– अजय मेहता